Friday, January 25, 2019

सवर्णों को 10% आरक्षण पर फिलहाल रोक नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- इस पर विचार करेंगे

सुप्रीम कोर्ट ने सवर्णों को आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण देने के सरकार के फैसले पर रोक लगाने से फिलहाल इनकार कर दिया है। अदालत ने इस मामले में शुक्रवार को कहा कि हम इस पर विचार करेंगे। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने इस मामले में सरकार से जवाब मांगा है।

सरकार का फैसला आरक्षण की सीमा का उल्लंघन- याचिकाकर्ता
कारोबारी तहसीन पूनावाला ने सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में उन्होंने कहा कि सरकार के फैसले से अधिकतम 50 फीसदी आरक्षण देने की सीमा का उल्लंघन होता है।

सरकार शीत सत्र में सवर्णों को 10% आरक्षण देने के लिए 124वां संविधान संशोधन लाई थी। यह लोकसभा और राज्यसभा से पास हो चुका है। इसे राष्ट्रपति की ओर से भी मंजूरी मिल गई है। गुजरात, उत्तरप्रदेश, झारखंड जैसे कुछ राज्यों में यह लागू भी हो गया है।

आरक्षण का लाभ सामान्य वर्ग के गरीबों को शिक्षा और नौकरियों में मिलेगा। हालांकि ये 10% आरक्षण एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए पहले से लागू 49% आरक्षण से अलग है। आर्थिक आधार पर सामान्य वर्ग के तमाम-वर्ग-जाति संप्रदाय के लोगों को 10 फीसदी अतिरिक्त आरक्षण मिलेगा।

आरक्षण की कोशिश में नरसिंहा राव सरकार रही थी फेल
देश के पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव ने भी आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की कोशिश की थी। उन्होंने अपने कार्यकाल में मंडल आयोग की रिपोर्ट के आधार पर सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण का ऐलान किया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने इसे खारिज कर दिया था।

राहुल ने भुवनेश्वर में एक कार्यक्रम को संबोधित किया। प्रियंका की राजनीति में एंट्री को लेकर उन्होंने कहा- उनके राजनीति में आने को लेकर कई सालों से चर्चा चल रही थी। लेकिन तब उनके बच्चे छोटे थे। प्रियंका अपने बच्चों का ख्याल रखना चाहती थीं, अब वे बड़े हो गए हैं।

भाजपा और बीजद एक जैसी
राहुल ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘बीजद और भाजपा के मॉडल एक जैसे हैं। मोदी और पटनायक में संबंध हैं। भ्रष्टाचार मामलों की वजह से पटनायक मोदी के दबाव में हैं। वे मोदी का मौन रहकर समर्थन करते हैं। पटनायक निरंकुश हैं लेकिन उनमें मोदी की तरह नफरत नहीं है।''

'नए रोजगार पैदा न होना समस्या'
उन्होंने कहा, "भारत में रोजगार का संकट है। समस्या है कि यहां रोजगार के नए अवसर नहीं मिल रहे। चीन सभी को पछाड़ रहा है। चीन में ऑटोमेशन रोजगार पैदा करने के लिए समस्या क्यों नहीं बनी? जब मैं मानसरोवर गया, मुझे वहां कई मंत्री मिले, उन्होंने बताया कि नए रोजगार पैदा करने में कोई समस्या नहीं। असल मुद्दा ये है कि अगर आप उत्पादन कर रहे हैं और तकनीकी से जुड़े हैं, तो कोई समस्या नहीं।''

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